भारतीय सेना - Service before Self

भारतीय सशस्त्र बल की तीन शाखाओं में से एक है भारतीय थल सेना। भारतीय राष्ट्रप्रमुख इसके सर्वोच्च सेनाध्यक्ष है। इसके पेशेवर प्रमुख को चीफ ऑफ़ आर्मी स्टाफ (COAS) कहा जाता है जो की एक 4-स्टार जनरल होते है। दो अधिकारियो को फिल्ड मार्शल के रैंक दिए जाते है, यह रैंक 5-स्टार रैंक होता है जो की भारतीय सेना में सर्वोच्च रैंक है। 

भारतीय सेना 
    
भारतीय थल सेना का मुख्य उद्देश्य अपने देशवासियों की सुरक्षा और देश को आतंरिक एवं बाहरी खतरों से राष्ट्रीय सुरक्षा प्रदान करना है। इसके अलावा भारतीय सेना प्राकृतिक आपदाओं के समय कई बचाव कार्य करती है, जैसे फंसे हुए लोगो के निकास की व्यवस्था करना, आपातकाल में फ़ूड पैकेट्स बाँटना और दूसरी कई ऐसी समस्याएँ है जिनके दौरान भारतीय सेना हमेशा अपने देशवासियो की सेवा में तत्पर रहती है। 

"Service before Self"यह भारतीय सेना का सिद्धांत-वाक्य है। इसका मतलब है कि "खुद से पहले सेवा"  

भारतीय सेना ने अब तक की हुई बड़ी कार्रवाई;

Operation Vijay - यह भारतीय सेना द्वारा 1961 में किया गया एक ऑपरेशन था जिसमे गोवा, दमन और दिउ को पोर्तगीज़ भारतीय क्षेत्र में से भारत में मिलाया था। 

Operation Meghdoot - अप्रैल 1984 में भारतीय सेना ने यह ऑपरेशन लॉन्च किया था जिसके तहत भारत ने संपूर्ण सियाचीन ग्लेसियर पर अपना आधिकारिक कब्ज़ा किया था।  यह दुनिया के सबसे ऊँचे युद्धक्षेत्र में किया गया सबसे पहला हमला था जो की भारतीय सेना ने किया था।

ऑपरेशन मेघदूत 
   
Operation Cactus - 1988 में श्रीलंका के कुछ आतंकवादियों ने मालदीव में सरकार के तख्ता पलट करने की साज़िश की थी लेकिन Indian Special Force ने उस आतंकी संगठन के लीडर को मारकर यह साज़िश नाकाम की थी। जैसे ही दूसरे आतंकीओ को उनकी योजना निष्फल होने की खबर मिली, वो लोग मालदीव के एक बड़े जहाज़ को श्रीलंका की तरफ ले जाने लगे थे। भारतीय नौसेना की मदद से उस जहाज़ को बीच में रोक कर सारे आतंकवादियों को हिरासत में लिया गया था। 

Surgical Strikes 2016 - 18th September 2016 को चार भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के गाँव उरी में भारतीय सेना के कैम्प पर फिदायीन हमला किया था। इस ख़तरनाक हमले में भारतीय सेना के 19 जवान शहीद हुए थे। इसके बाद 29th September को भारतीय सेना ने यह घोषणा की थी की उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में Surgical Strikes करके कई आतंकी लॉन्चपैड्स का खात्मा किया है। भारतीय सेना ने 35 से 70 आतंकीओ की मौत होने का दावा किया था। भारत द्वारा LOC के उस पार जा कर किया गया यह अब तक का सबसे बड़ा ग्राउंड अटैक है।

LOC के उस पार आतंकी कैम्प्स का खात्मा करने के लिए भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक्स की थी 
     
इसके अलावा, भारतीय सेना ने अन्य कई सारे शांतिस्थापक ऑपरेशन्स में अपना योगदान दिया है। यूनाइटेड नेशन्स (UN) ने भी भारतीय सेना की सराहना की है।  इन ऑपरेशन्स में, शस्रविराम (Ceasefire), किसी अन्य देश में से अपने क़ैदीओ को स्वदेश परत लाना, अन्य लड़ाकुओं को निशस्त्र करना, चुनाव का शांतिपूर्ण तरीके से प्रबंधन करना वग़ैरह, यह सब शामिल है। यह सब ऑपरेशन्स भारतीय सेना ने कई अन्य देशो में भी किये है जैसे, सायप्रस, लेबनान, कॉंगो, अंगोला, कंबोडिया, वियतनाम, नामीबिया, लाइबेरिया, मोज़ाम्बिक वगैरह। भारतीय सेना विश्व की सबसे बड़ी थल सेना है। करीब 12.3 लाख का सैन्य है, जो की कुल रक्षाकर्मीओ का 80% है।

भारतीय सेना का क्षेत्र निर्माण:

भारतीय सेना परिचालन और भौगोलिक रूप से सात कमांडों में विभाजित है:

  
दल: एक कमांड आमतौर पर दो या उससे अधिक दलों में बाँटा जाता है। भारतीय सेना में ऐसे 14 दल है जो सब जनरल ऑफ़िसर कमांडिंग (GOC) से आदेश प्राप्त करते है।  

विभाग: प्रत्येक विभाग के प्रमुख GOC होते है। हर एक विभाग तीन से चार ब्रिगेड का बना होता है।  भारतीय सेना में ऐसे 40  विभाग है। 

ब्रिगेड: एक ब्रिगेड में आमतौर पर 3000 जवान होते है जो अन्य सहायक वस्तुओ से लैस होते है। 

बटालियन: यह चार राइफल कंपनियों से बना होता है। एक बटालियन कमांडर इन्हे आदेश देते है जिन्हें कर्नल कहा जाता है और जो इस बटालियन का मुख्या होते है। प्रत्येक बटालियन में एक विशेष घातक टुकड़ी भी होती है।

बैटरी: यह मोर्टार, राकेट लॉन्चर वगैरह की एक आर्टिलरी है जिसमे एयर डिफेन्स सिस्टम होता है। 

पलटन: यह तीन सेक्शन की बनी होती है। पलटन कमांडिंग ऑफ़िसर (JCO) इसको आदेश देते है।

सेक्शन: यह सबसे छोटा सैन्य है जिसमे 10 जवान होते है। इनके सेक्शन कमांडर हवालदार रैंक के होते है।


सेना के सभी जवानो या उनके कमांडिंग ऑफिसर्स के अलग अलग रैंक होते है, जो की अलग अलग तरह की ट्रेनिंग के बाद मेरिट के आधार पर प्रमोशन दिया जाता है। यह रैंक निचे दिए गए है:

1. फील्ड मार्शल - Field Marshal - भारतीय सेना में सर्वोच्च प्राप्य रैंक

2. जनरल - General - भारतीय सेना में सर्वोच्च कार्यरत रैंक।  

3. लियूटेनैंट जनरल  - Lieutenant Genaral - भारतीय सेना में दूसरे नंबर का कार्यरत रैंक। 

4. मेजर जनरल - Major General - यह पुराने रैंक सार्जेंट जनरल से बदल कर मेजर जनरल किया गया रैंक है। 

5. ब्रिगेडियर - Brigadier - यह एक ऐसा रैंक है जो की अलग अलग देश में इनकी अग्रता अलग अलग होती है। 

6. कर्नल - Colonel - यह जनरल रैंक के बाद का वरिष्ठ रैंक है। 

7. लियूटेनैंट कर्नल - Lieutenant Colonel - यह सेना के प्रमाणित अधिकारी का रैंक है। 

8. मेजर - Major - यह भी एक प्रमाणित अधिकारी का रैंक है। 

9. कैप्टेन - Captain - यह सेना की टुकड़ी के कमांडिंग अफसर का रैंक है। 

10. लियूटेनैंट - Lieutenant - यह भारतीय सशस्त्र सेना का सब से छोटे पद का रैंक है। 

भारतीय सेना की अत्याधुनिक और बेहद घातक ब्रह्मोस मिसाइल 

इसके अलावा भारतीय सेना के पास अत्याधुनिक राइफल्स, ग्रेनेड्स, लेज़र गाइडेड बॉम्ब्स, ब्रह्मोस जैसी मिसाइल, अर्जुन टैंक जैसे मिलिट्री टैंक और कई ऐसे अन्य आधुनिक युद्ध तकनीक से बने हुए इक्विपमेंट है जो की किसी भी दुश्मन के छक्के छुड़ा सकते है। 

भारतीय सेना की अत्याधुनिक अर्जुन टैंक 

हमारी भारतीय सेना हर तरह से भारत के देशवासियो एवं नागरिको की सुरक्षा, सेवा और शांति के लिए हमेशा प्रत्येक दृष्टिकोण से सज्ज रहती है।  तकनीक और संख्या से भी बढ़कर है हमारे जाँबाज़ सैनिको की बलिदान की चाहना, इसलिए मैं इस आर्टिकल के अंत में उन सब शहीदों जिन्होंने हमारे वतन की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए, उनके लिए एक छोटी सी कविता पेश करना चाहूँगा; 

इश्क़ जो आजकल लापता सा हो गया है,
बिछड़ने की वजह और तन्हाइयो की शिकायत सा हो गया है। 

लेकिन,

मेरे देश के सपूतो की वतन के प्रति मोहब्बत तो देखिए ज़रा,
गोली भी खाते है, और शिकायत भी नहीं करते ।  


Thanks

Rahul
 

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